Wednesday, July 15, 2009

तकदीर

तुम ख़ुद को इतना बुलंद बनादो
कि खुदा भी तकदीर लिख ने से पहले तुझ से पूछे,
'बन्दे तेरा राइ क्या है'।

Tuesday, July 14, 2009

फैसला

अब हवाये करेंगी रोशनी का फैसला
जिस दिये में जान है वो जलेंगे

ये जिंदगी (अनारकली)

ऐ जिंदगी उसी की है जो किसी का होगया , प्यार ही में खो गया

धड़क रहा है दिल तो क्या दिल कि धड़कने न गिन
फिर कहा ऐ फुर्सते फिर कहा ऐ रात दिन
कह रही है ऐ सदा मस्तियोम में झूम जा

काकाज़ की किस्ती

ऐ दौलत भी लेलो ऐ शहरात भी लेलो
भले चीन लो मेरी जवानी
मगर लौतादो मुझे वो बचपन का सावन
वो काकाज़ की किस्ती वो बारिश का पानी

कड़ी धुप में अपने घर से निकलना
वो चिडिया वो बुलबुल वो तितली पकड़ना
वो पीपल की चिल्लो के प्यारे से तोहफे
वो गुडिया की शादी में लड़ना झगड़ना
वो झूलों में गिरना गिरके संभलना
वो टूटी हुयी चूडियों की निसानी

मुहल्ले की सबसे पुरानी निसानी
वो बुदिया जिसे बच्चे कहते थे नानी
वो नानी की बातों में परियों की डेरा
वो चहरे की झुरियों में सदियों का फेडा
भुलाए नही भूल सकता है कोई
वो छोटी सी राते लम्बी कहानी।

yahaa suniye