हमने देखी है उन आंखों की महकती खुशबू,
हातों से छूके रिश्तों का इल्जाम न दो !
ये एक एहसास है रूह से महसूस करो,
प्यार को प्यार ही रहने दो, इसे कोई नाम न दो !
प्यार कोई बोल नही जो बोलती हो ,
ये एक खामोशी है
न बुझती है, न रुकती है, ये बहती है,
रूह से महसूस करो इसे कोई नाम न दो !
Tuesday, February 10, 2009
थोडी देर ...
कठिन है राह गुज़र , थोडी देर साथ चलो!
नशे में चूर मै हूँ ! तुम्हें भी होश नही !
बहुत मज़े हो अगर थोड़े दूर साथ चलो !
तमाम उम्र कहा कोई साथ देगा,
ये जानती हूँ, मगर थोडी देर साथ चलो!
अभी है दूर सहर थोडी दूर साथ चलो !
थोडी देर के लिए मेरे हो जावो
मेरे शास मेरे दिल में समा जावो
मेरे प्यार की छाव में सो जावो
मिले न मिले फ़िर ऐसे पल
नशे में चूर मै हूँ ! तुम्हें भी होश नही !
बहुत मज़े हो अगर थोड़े दूर साथ चलो !
तमाम उम्र कहा कोई साथ देगा,
ये जानती हूँ, मगर थोडी देर साथ चलो!
अभी है दूर सहर थोडी दूर साथ चलो !
थोडी देर के लिए मेरे हो जावो
मेरे शास मेरे दिल में समा जावो
मेरे प्यार की छाव में सो जावो
मिले न मिले फ़िर ऐसे पल
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